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तीन 'T' से कोरोना से जीतेंगे जंग, मीटिंग में PM मोदी ने मुख्यमंत्रियों को बताया मंत्र

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गुरुवार, 8 अप्रैल 2021 (22:46 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि देश में कोरोना जिस भयानक रफ्तार से फैल रहा है वह चिंता का विषय है लेकिन सभी को राजनीति से ऊपर उठकर इस चुनौती से निपटने के लिए एकजुट होकर तेजी से कदम उठाने होंगे क्योंकि थोड़ी-सी भी ढिलाई घातक सिद्ध हो सकती है। पीएम नो कहा कि टेस्ट (Test), ट्रैक (Track), ट्रीट (Treat) से हम कोरोना को हराएंगे।
कोरोना की दूसरी लहर के प्रचंड गति से देश के ज्यादातर हिस्सों को अपनी चपेट में लेने के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने गुरुवार शाम राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ मौजूदा स्थिति तथा कोरोना टीकाकरण अभियान की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि भले ही स्थिति विकट है लेकिन हमें हिम्मत, धैर्य तथा तेजी के साथ कदम उठाने की जरूरत है जिससे कि स्थिति पर काबू पाया जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान देश के पास न तो संसाधन थे और न ही अनुभव उसके बावजूद सभी ने एकजुट होकर उस समय महामारी को मात देने में सफलता हासिल की थी।
 
मोदी ने कहा कि अब तो हमारे पास अनुभव भी है और संसाधन भी तथा साथ ही कोरोना की वैक्सीन भी आ गयी है इसलिए हमें सुनियोजित ढंग से चलें तो सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। दवाई भी और कड़ाई भी के अपने पहले के मंत्र को दोहराते हुए उन्होंने राज्यों से कहा कि जहां हमें टीकाकरण का दायरा तेजी से बढाना है वहीं कोरोना की जांच को भी बहुत तेजी और सटीक प्रक्रिया के साथ गति देना है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर का आने का कारण कुछ राज्यों में लोगों तथा सरकार के स्तर पर बरती गयी ढील को माना जा रहा है इसलिए अब किसी तरह की ढिलाई और घातक सिद्ध हो सकती है।
 
कोरोना टेस्टिंग के साथ साथ टीकाकरण को बढाने पर अत्यधिक बल देते हुए उन्होंने कहा कि 11 से लेकर 14 अप्रैल के बीच देश भर में कोरोना टीका उत्सव मनाते हुए अधिक से अधिक लोगों को टीका लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, कोविड व्यवहार और कोविड प्रबंधन इन्हीं चीजों पर हमें बल देना है। 11 अप्रैल, ज्योतिबा फुले जी की जन्म जयंती है और 14 अप्रैल, बाबा साहेब की जन्म जयंती है, उस बीच हम सभी ‘टीका उत्सव’ मनाएं।

हमारा प्रयास यही होना चाहिए कि इस टीका उत्सव में हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करें। मैं देश के युवाओं से भी आग्रह करूंगा कि आप अपने आसपास जो भी व्यक्ति 45 साल के ऊपर के हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने में हर संभव मदद करें। वैक्सीनेशन के साथ साथ हमें ये भी ध्यान रखना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद की लापरवाही न बढ़े। हमें लोगों को ये बार-बार बताना होगा कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क और सावधानी जरूरी है।
 
मोदी ने कहा कि स्थिति की समीक्षा के बाद कुछ बातें स्पष्ट हैं और उन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है  पहला- देश फ़र्स्ट वेव के समय की पीक को क्रॉस कर चुका है, और इस बार ये ग्रोथ रेट पहले से भी ज्यादा तेज है।
दूसरा- महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, मध्यप्रदेश और गुजरात समेत कई राज्य फ़र्स्ट वेव की पीक को भी क्रॉस कर चुके हैं। कुछ और राज्य भी इस ओर बढ़ रहे हैं। हम सबके लिए ये चिंता का विषय है। ये एक गंभीर चिंता है।
 
तीसरा- इस बार लोग पहले की अपेक्षा बहुत अधिक कैजुअल हो गए हैं। अधिकतर राज्यों में प्रशासन भी नज़र आ रहा है। ऐसे में कोरोना केसेस की इस अचानक बढ़ोतरी ने मुश्किलें पैदा की है।
 
उन्होंने कहा कि इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, हमारे पास पहले की अपेक्षा बेहतर अनुभव है, संसाधन हैं, और वैक्सीन भी है। जनभागीदारी के साथ-साथ हमारे परिश्रमी डॉक्टर्स और हेल्थ-केयर स्टाफ ने स्थिति को संभालने में बहुत मदद की है और आज भी कर रहे हैं। 
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी राज्यों में राज्यपालों के नेतृत्व में और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में कोरोना से निपटने के लिए जनअभियान चलाये जाने चाहिए और इसकी विस्तृत योजना बनायी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस काम में निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ साथ हस्तियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मदद ली जानी चाहिए।
 
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया कि वे इस चुनौती के तमाम खतरों से निपटने के लिए आगे आयें तथा राज्य सरकारों को भी युवाओं का प्रेरित तथा प्रोत्साहित कर इनकी मदद लेनी चाहिए। युवा लोगों को टेस्टिंग के साथ साथ टीकाकरण से जुडी व्यवस्था में मदद कर सकते हैं।
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को स्वास्थ्य ढांचागत सुविधाओं को पूरी तरह मुस्तैद रखते हुए कोरोना के उपचार में जरूरी वेंटीलेटर तथा ऑक्सीजन की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

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