Publish Date: Sun, 23 May 2021 (15:04 IST)
Updated Date: Sun, 23 May 2021 (16:19 IST)
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने रविवार को दोहराया कि सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द की जानी चाहिए। उन्होंने इस बारे में महीनों तक फैसला लटकाए रखने पर सरकार की आलोचना की। प्रियंका ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर से पता चला है कि वायरस के नए स्वरूप के लिहाज से बच्चे सबसे कमजोर वर्ग में हैं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने कहा कि बच्चे घंटों तक सभी तरह के रक्षात्मक उपकरण पहनकर परीक्षाओं में बैठने के दबाव में पहले से ही हैं और उन्हें एक-एक दिन लटकाना असंवेदनशील तथा अनुचित है।
उनकी यह टिप्पणी तब आयी है जब शिक्षा मंत्रालय ने 12वीं कक्षा की लंबित बोर्ड परीक्षाओं और इसके बाद प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं पर फैसला लेने के लिए रविवार को एक अहम बैठक बुलाई है। ये परीक्षाएं कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण स्थगित कर दी गई थीं।
कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, सीबीएसई की 12वीं कक्षा में पढ़ रहे छात्रों ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान इन परीक्षाएं को लेकर अपनी चिंताएं जताई हैं। उनका स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मायने रखता है। हम सीख क्यों नहीं ले रहे हैं?
प्रियंका ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि बंद कमरों में एकत्रित होने से कोविड-19 फैलेगा और इस लहर ने दिखाया है कि बच्चे नए स्वरूप के लिहाज से कमजोर हैं।
इस बीच दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र से कहा कि छात्रों को टीका लगाने से पहले 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं कराना बहुत बड़ी गलती साबित होगी।
उन्होंने ट्वीट किया, केंद्र सरकार के साथ मीटिंग में आज मांग रखी कि परीक्षा से पहले 12वीं के सभी बच्चों के लिए वैक्सीन की व्यवस्था करें। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर परीक्षा का आयोजन करवाने की ज़िद बहुत बड़ी गलती और नासमझी साबित होगी।
सिसोदिया ने कहा, '12वीं में पढ़ने वाले लगभग 95% विद्यार्थी 17.5 साल से अधिक आयु के हैं। केंद्र सरकार हेल्थ एक्सपर्ट्स से बात करे कि 18+ आयुवर्ग को दी जाने वाली वैक्सीन क्या 12वीं में पढ़ने वाले 17.5 साल के विद्यार्थियों को दी जा सकती है।'