Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

Reliance ने मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन प्रतिदिन 1000 टन से अधिक बढ़ाया, 24 टैंकर विमानों से मंगवाए

webdunia
शनिवार, 1 मई 2021 (19:12 IST)
नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने जामनगर तेल रिफाइनरी में मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाकर प्रतिदिन 1000 टन से अधिक कर दिया है। आरआईएल ने एक बयान में कहा कि यह ऑक्सीजन कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित राज्यों को मुफ्त में दी जा रही है।

कंपनी ने दावा किया कि रिलायंस आज भारत की करीब 11% मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहा है और हर 10 में से 1 रोगी को उसके द्वारा उत्पादित ऑक्सीजन दी जा रही है। रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी में कच्चे तेल से डीजल, पेट्रोल, और जेट ईंधन जैसे उत्पाद बनाए जाते हैं, यहां मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पाद नहीं किया जाता था, लेकिन कोरोनावायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी होने के बाद ऑक्सीजन की मांग बढ़ने पर रिलायंस ने मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू कर दिया।
ALSO READ: CoronaVirus : कोरोना काल में घर आ रहे हैं मेहमान तो इन बातों का रखें ख्याल
बयान में कहा गया कि रिलायंस ने ऑक्सीजन की आपूर्ति श्रृंखला को पुख्ता करने के लिए सऊदी अरब, जर्मनी, बेल्जियम, नीदरलैंड और थाईलैंड से 24 ऑक्सीजन टैंकर एयरलिफ्ट कर के (विमानों से) मंगाए हैं, जिससे देश में लिक्विड ऑक्सीजन की कुल परिवहन क्षमता में 500 टन का इजाफा हुआ है। कंपनी ने बताया कि टैंकर एयरलिफ्ट करने में भारतीय वायुसेना का भी सहयोग रहा।
ALSO READ: Coronavirus से निपटने के लिए कितना तैयार है आपका घर, जानिए 8 जरूरी बातें
रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, जब भारत कोविड-19 की दूसरी लहर के खिलाफ लड़ रहा है, तब मेरे लिए और रिलायंस में हम सभी के लिए, जीवन बचाने से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है। भारत में मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन के उत्पादन और परिवहन क्षमताओं को बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है।
ALSO READ: Coronavirus से जीतना है तो शामिल कर लीजिए इन 10 बातों को अपनी life में
रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने कहा, रिलायंस फाउंडेशन में हम मदद की हरसंभव कोशिश करेंगे। हर जीवन अनमोल है। हमारी जामनगर रिफाइनरी और संयंत्र को रातोंरात बदल दिया गया है, ताकि भारत में मेडिकल ग्रेड तरल ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सके।(भाषा)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

UP : योगी सरकार ने दबाया सच, प्रियंका गांधी का दावा- पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले 700 शिक्षकों की मौत