Publish Date: Sun, 19 Apr 2020 (20:29 IST)
Updated Date: Sun, 19 Apr 2020 (20:31 IST)
ढाका। बांग्लादेश में लॉकडाउन के दौरान एक मौलाना के जनाजे में हजारों लोगों को शामिल होने से रोकने में नाकाम रहने पर एक पुलिस अधिकारी को हटा दिया गया है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस फैलने के खतरे को देखते हुए बांग्लादेश में देशव्यापी लॉकडाउन चल रहा है।
पुलिस मुख्यालय की ओर से शनिवार को जारी किए गए एक वक्तव्य में कहा गया कि जनाजे में लोगों को एकत्रित होने की अनुमति देने पर ब्राह्मणबारी में सरैल पुलिस थाना प्रभारी शहादत हुसैन टीटू को हटा दिया गया है।
एक समाचार वेबसाइट के अनुसार टीटू ने भीड़ को एकत्रित होने से रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए जिसके चलते उन्हें हटाया गया।
लॉकडाउन के नियमों को तोड़ते हुए एक स्थानीय मदरसे में शनिवार को मौलाना जुबैर अहमद अंसारी के जनाजे में हजारों लोग शामिल हुए थे।
बांग्लादेश खिलाफत मजलिस के नायब-ए-अमीर अंसारी (55) का शुक्रवार को सरैल उप जिले में स्थित बर्ताला गांव में निधन हो गया था।
उनके निधन से कुछ दिन पहले ही सरकार ने घोषणा की थी कि कोविड-19 महामारी देश के लिए बड़ा खतरा है। अंसारी के जनाजे में जुटी भारी भीड़ की आम लोगों ने सोशल मीडिया पर भरसक आलोचना की।
प्रख्यात लेखिका तस्लीमा नसरीन ने ट्वीट किया कि बांग्लादेश के ब्राह्मणबारी में लॉकडाउन के नियम तोड़ते हुए मौलाना जुबैर अहमद अंसारी के जनाजे में 50 हजार लोग एकत्रित हुए। मूर्ख सरकार ने इन मूर्ख लोगों को रोकने की कोशिश भी नहीं की।
एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने यह नहीं सोचा था कि भीड़ इतनी ज्यादा होगी। भारी भीड़ के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी इसलिए पुलिस कुछ नहीं कर पाई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहम्मद आलमगीर हुसैन ने कहा कि उन्होंने मदरसा अधिकारियों से जनाजे के दौरान सामाजिक दूरी बनाने और सभी एहतियाती उपाय करने का आग्रह किया था। (भाषा)
(Photo courtesy: DD News)