प्रधानमंत्री मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के प्रमुख बिंदु

सोमवार, 11 मई 2020 (19:02 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को रोकने, लॉकडाउन से चरणबद्ध तरीके से बाहर निकलने और आर्थिक गतिविधियां तेज करने के उपायों पर सोमवार को विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चर्चा की।
 
उन्होंने कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती रियायतों के बाद भी कोविड-19 को गांवों तक फैलने से रोकने की होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा, ‘आज आप जो सुझाव देते हैं, उसके आधार पर हम देश की आगे की दिशा तय कर पाएंगे।’ 
 
वीडियो कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि आगे के रास्ते और सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर संतुलित रणनीति बनानी होगी और लागू करनी होगी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया मानती है कि भारत खुद को कोविड-19 से सफलतापूर्वक सुरक्षित रख पाया है, राज्यों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां भी हमने सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया, हमारी समस्याएं बढ़ गईं।
 
प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, निषिद्ध क्षेत्रों को छोड़कर राष्ट्रीय राजधानी में आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी जानी चाहिए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध किया कि आपात सेवाओं के कर्मचारियों के लिए मुंबई में लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू की जाए।
 
वीडियो कांफ्रेंस के दौरान तमिलनाडु मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने तमिलनाडु में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वे 31 मई तक राज्य में ट्रेन और हवाई सेवाएं शुरू ना करें।
 
पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा, हमें मीडिया के जरिए पता चला है कि चेन्नई-दिल्ली-चेन्नई ट्रेनों की आवाजाही 12 मई से शुरू होगी। चूंकि चेन्नई में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो रही है, ऐसे में मेरे राज्य में 31 मई, 2020 तक ट्रेन सेवा शुरू करने की अनुमति ना दें। उन्होने कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि 31 मई, 2020 तक सामान्य हवाई यातायात भी बहाल ना करें।’

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