- कपीश दुबे
किस्सा दरअसल इसलिए लिखने की तमन्ना हुई क्योंकि कुछ दिनों पूर्व भारतीय टीम ने ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ 170 ओवर में 664 रन टाँग दिए। यह भारत की ओर से पाँचवाँ 650 प्लस का स्कोर है और इंग्लैंड के खिलाफ पहला।
इसी संदर्भ में भारतीय टीम के खिलाफ प्रतिद्वंद्वी टीमों ने अब तक 8 बार 650 प्लस के स्कोर खड़े किए हैं। विवरण इस प्रकार है-
* भारतीय टीम का सबसे बड़ा स्कोर है 705/7 घोषित : यह स्कोर टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खड़ा किया था 2003-04 में। सचिन (241 नाबाद) और वीवीएस लक्ष्मण (178) के बीच चौथे विकेट के लिए रिकॉर्ड 353 रनों की साझेदारी भी हुई थी।
* 7 विकेट पर 676 रन भारत ने श्रीलंका के खिलाफ कानपुर में 86-87 में बनाए थे जबकि 675/5 का स्कोर भारत का रहा था वि. पाकिस्तान, मुल्तान 2003-04 में। यह वही टेस्ट था जिसमें वीरेंद्र सहवाग ने भारत की ओर से पहला तिहरा शतक (301) जमाया था और सचिन जब नाबाद 194 रनों पर थे कप्तान द्रविड़ ने भारत की पारी घोषित कर दी थी। इस पर बड़ा विवाद हुआ था। सहवाग-सचिन ने तीसरे विकेट के लिए 336 रनों की साझेदारी निभाई थी।
* भारत का चौथा श्रेष्ठ स्कोर है 664 रन वि. इंग्लैंड, ओवल 2007 : यहाँ अनिल कुंबले अपनी पहली टेस्ट शतक (110*) बनाकर नाबाद रहे। कुंबले ने सर्वाधिक 151 पारियाँ खेलकर पहली शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाया।
इस संदर्भ में कुंबले ने श्रीलंका के चामिंडा वास को पीछे छोड़ा जिन्होंने अपनी पहली शतक बनाने के लिए (100*) 141 पारियाँ खेली थीं वि. बांग्लादेश, कोलंबो, जून 2007।
* भारत का पाँचवाँ बड़ा स्कोर 657/7 घोषित वि. ऑस्ट्रेलिया, कोलकाता 2001-01। 281 वीवीएस लक्ष्मण, 180 राहुल द्रविड़।
* भारत के खिलाफ सबसे विशाल स्कोर खड़ा किया श्रीलंका ने 97-98 में : अगस्त-97 में श्रीलंका ने जयसूर्या (340) और रोशन महानामा (225) की पारियों की बदौलत न केवल विश्व रिकॉर्ड साझेदारी (576/2) की थी बल्कि विश्व रिकॉर्ड रन संख्या (952/6) अर्जित की थी।
इससे पूर्व साझेदारी का विश्व रिकॉर्ड था 467/3 ए. जोंस-मार्टिन क्रो (न्यूजीलैंड) वि. श्रीलंका, वेलिंगटन 90-91 और पारी का विश्व रिकॉर्ड था 903/7 घोषित इंग्लैंड वि. ऑस्ट्रेलिया, ओवल 1938। इंग्लैंड की इस पारी में लेन हटन ने तब 364 व्यक्तिगत रनों का विश्व कीर्तिमान बनाया था, एम. लीलैंड ने 187 तथा जे. हार्ड स्टॉफ जूनियर ने 169 नाबाद रनों का सहयोग दिया था।
* इंग्लैंड-भारत श्रृंखला की समाप्ति तक : कुल मिलाकर विभिन्न टीमों द्वारा 43, 650 प्लस की पारियाँ खेली जा चुकी हैं। सर्वाधिक 12 बार ऐसा स्कोर बनाने का श्रेय मिला है ऑस्ट्रेलिया को। 8 बार वेस्टइंडीज, 6-6 बार पाकिस्तान व इंग्लैंड, 5 बार भारत, 3 बार श्रीलंका, 2 बार दक्षिण अफ्रीका व एक बार न्यूजीलैंड का स्कोर 650 प्लस रहा है। बांग्लादेश एवं जिम्बॉब्वे की ऐसी पारियाँ नहीं हैं।
अब तक 1842 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं और विभिन्न टीमों ने 104 पारियाँ 600 प्लस की खेली हैं, पर जिम्बॉब्वे व बांग्ला टीम का नाम यहाँ भी नहीं है।