Publish Date: Thu, 02 Jun 2022 (10:19 IST)
Updated Date: Thu, 02 Jun 2022 (10:22 IST)
Road accident : किसी भी वाहन की ड्राइविंग करते समय की एक शारीरिक स्थिति है। सामान्यतः लगातार ढाई-तीन घंटे की ड्राइविंग के बाद रोड हिप्नोसिस प्रारम्भ होता है। ऐसी सम्मोहन की स्थिति में आंखें खुली होती हैं लेकिन दिमाग अक्रियाशील हो जाता है। अतः जो दिख रहा है उसका सही विश्लेषण नहीं हो पाता और नतीजतन सीधी टक्कर वाली दुर्घटना हो जाती है।
इस सम्मोहन की स्थिति में दुर्घटना के 15 मिनिट तक ड्राइवर को न तो सामने के वाहनों का आभास होता है और न ही अपनी स्पीड का। और जब 120-140 स्पीड से टक्कर होती है तो भयानक दुष्परिणाम सामने आते हैं।
उपरोक्त सम्मोहन की स्थिति से बचने के लिए हर ढाई-तीन घंटे ड्राइविंग के पश्चात रुकना चाहिए। चाय-कॉफी पियें, 5-10 मिनिट आराम करें और मन को शांत करें। ड्राइविंग के दौरान स्थान विशेष और आते कुछ वाहनों को याद करते चलें। अगर आप महसूस करें कि पिछले 15 मिनिट का आपको कुछ याद नहीं है तो इसका मतलब है कि आप खुदको और सहप्रवासियों को मौत के मुंह में ले जा रहे हो।
ये रोड सम्मोहन अचानक रात के समय होता है जब अन्य यात्री सो या ऊंघ रहे होते हैं। अतः बेहद गंभीर दुर्घटना हो सकती है। ड्राइवर को झपकी आ जाए या नींद आ जाए तो दुर्घटना को कोई नहीं रोक सकता लेकिन आंखें खुली हों तो दिमाग का क्रियाशील होना अतिआवश्यक है। ध्यान रखें, सुरक्षित रहें, सुरक्षित ड्राइविंग करें।
लेख सौजन्य : सड़क सुरक्षा अभियान-परिवहन विभाग