- सुबोध जैन
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के शिखर पुヒष अटलबिहारी वाजपेयी अब प्रासंगिक नहीं रह गए हैं। अन्य दलों में सम्मान पाने वाले इस वयोवृद्घ नेता को पार्टी के पोस्टरों में भी स्थान नहीं मिला। इतना ही नहीं मंच पर लगे बैनर से भी उनकी तस्वीर नदारद थी।
दिल्ली प्रदेश भाजपा द्वारा वीपी हाउस में आयोजित विजय संकल्प रैली में पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी का चित्र ही नहीं लगाया गया। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह का भी कोई नाम या चित्र किसी बैनर में नजर नहीं आया। पार्टी व रैली के केंद्र में केवल लालकृष्ण आडवाणी तथा प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा ही नजर आ रहे थे।
पार्टी नेताओं को अपनी उपस्थिति का अहसास कराने वाले स्थानीय नेताओं ने भी आडवाणी व मल्होत्रा को ही महत्व दिया। रैली का समय हालाँकि साढ़े चार बजे का था। मगर अपनी उपस्थिति विशेष रूप से दर्ज कराने वाले स्थानीय नेता उस समय मैदान में उतरे, जब आडवाणी मंच पर असीन हो चुके थे। दरअसल यह नेता रैली के लिए आडवाणी से पहले ही आ चुके थे, मगर रैली स्थल से बाहर ही खड़े रहे, ताकि बाद में अंदर जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा सके।
करीब सवा पाँच बजे रैली में आए आडवाणी के मंच पर आसीन होने के बाद इन नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ प्रवेश किया। सबसे पहले विधायक कुलवंत राणा बैनरों व पोस्टरों से लैस अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी करते हुए मंच के समक्ष आ गए।