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पुरबियों का पत्ता साफ

कंजूसी महिलाओं के मामले में भी

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चुनाव 2008
नई दिल्ली। टिकट बाँटने में कांग्रेस ने पुरबियों को किनारे लगा दिया है। महिलाओं के मामले में भी पार्टी ने पूरी कंजूसी बरती है। दिल्ली नगर निगम चुनावों में कांग्रेस ने पूरब के किसी भी प्रतिनिधि को टिकट के लायक नहीं समझा। उसी तर्ज पर विधानसभा के लिए तैयार की गई सूची में भी अकेले महाबल मिश्रा को उम्मीदवार बनाया गया है। यदि वे चुनाव जीत जाएँतो गनीमत है। यदि हार गए, तो विधानसभा में पार्टी की ओर से पुरबियों का एक भी नुमाइंदा नहीं बचेगा। यह आलम तब है जबकि यहाँ की अनधिकृत कालोनियों से लेकर अन्य स्थानों पर भी 40 लाख से ज्यादा यूपी-बिहार के लोग रहते हैं और पार्टी इन्हीं के वोट पर चुनाव जीतने का दम भर रही है।

पार्टी ने महिलाओं को टिकट देने के मामले में भी कंजूसी बरती है। पार्टी द्वारा तैयार की गई 53 प्रत्याशियों की सूची में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सहित कुल चार महिलाओं को जगह मिल पाई है। इनमें आर.के.पुरम से बरखा सिंह, मोती नगर से अंजलि राय और कृष्णा नगर से दीपिका खुल्लर का नाम शामिल है।

पिछले दिनों खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल ने कहा था कि पार्टी एक दर्जन से ज्यादा महिलाओं को टिकट देगी। लेकिन ऐसा लगता नहीं है कि यह संख्या आधा दर्जन भी पहुँच पाएगी। यह सही है कि अभी 17 सीटों का ऐलान होना बाकी है लेकिन जानकारों का कहना है कि इसमें भी एक-दो से ज्यादा महिलाओं को शामिल किए जाने के आसार नहीं हैं। यह सही है कि पार्टी ने अभी अधिकृत तौर पर प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है। लेकिन टिकटों को लेकर अंदरखाने जो विरोध हो रहा है, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि इस सूची पर महज ठप्पा लगाया जाना बाकी है। (नईदुनिया)

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