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भाजपा : अपने हो सकते हैं पराए

कस्तूरबा नगर विधानसभा क्षेत्र

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चुनाव 2008
- गीता सिंह
कस्तूरबा नगर विधान सभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान विधायक सुशील चौधरी को इस बार पार्टी के कार्यकर्त्ता ही निपटाने के मूड़ में है। इस सीट पर 1993 से पार्टी की जीत का अंतर लगातार गिरता जा रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में चौधरी केवल 800 वोट से चुनाव जीत पाए थे। भाजपा इस बार फिर चौधरी को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है तो कार्यकर्त्ताओं ने उन्हें उखा़ड़ने की तैयारी कर ली है।

प़ढ़े-लिखे वोटरों वाली कस्तूरबानगर विधानसभा क्षेत्र में नए परिसीमन से कुछ खास बदलाव नही आया है। इस विधानसभा क्षेत्र में कोई पुरान इलाका नहीं हटा है, बल्कि कुछ नए क्षे़त्र गढ़ी, जंगपुरा, पन्तनगर, लोधी रोड, श्रीनीवासपुरी का कुछ क्षेत्र व लाजपतनगर पार्ट 1 के चार ब्लाक नए शामिल हुए हैं। इस क्षेत्र में आने वाले प्रमुख इलाकों मे आनंदलोक, शादी नगर, एंड्यूज गंज, डिफेंस कालोनी, साउथ एक्सटेंशन पार्ट एक व दो, कोटला, नेशनल पार्क आदि शामिल हैं।

वर्तमान विधायक चौधरी के खिलाफ कांग्रेस से स्पष्ट रूप से किसी एक प्रत्यशाी का नाम सामने नहीं आ पाया है। कांग्रेस इस बार किसी मजबूत उम्मीदवार को मैदान में उतारना चाहती है। बसपा ने सतीश बैंसला को चुनाव मैदान में उतारा है। बैंसला की पिछले निगम जमानत जब्त हो गई थी। भाजपा विधायक क्षेत्र में कराये गए कार्यो का बखान कर रहे हैं महँगाई, सीलिंग और आतंकवाद को चुनाव में मुद्दे बनाने की तैयारी हो रही है।

कांग्रेसी नेताओं ने कस्तूरबा नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पर क्षेत्र में काम न करने के आरोप म़ढ़े हैं। विधायक पर अपने विधायक कोष से राशि खर्च न करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। इन सब से परे इस क्षेत्र की जनता कहीं विधायक से खुश तो कहीं नाराज नजर आ रही है। विधायक के खिलाफ जगह-जगह बोलने वाले लोग भी खूब हैं। लोगों का कहना है कि विधायक ने इलाके की सीवर समस्या से निजात दिलाने में कोई कदम नहीं उठाया। सड़के टूटी हैं, पूरे कोटला क्षेत्र में गंदगी के ढेर लगे रहते है, जिससे स्थानीय लोगों का यहाँ से निकलना मुश्किल है।

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