Publish Date: Fri, 10 Nov 2023 (16:27 IST)
Updated Date: Fri, 10 Nov 2023 (15:51 IST)
Dhanteras 2023: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इस बार धन तेरस 10 नवंबर 2023 शुक्रवार को है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन, धनिया, वस्त्र आदि खरीदते हैं और इसी दिन मुख्यत: 5 देवों की पूजा होती है। धन्वंतरि देव, माता लक्ष्मी पूजा, कुबेर पूजा, यम पूजा, गणेश पूजा और गाय की पूजा।
1. धन्वंतरि देव की पूजा : हिन्दू मान्यता अनुसार धन तेरस के दिन समुद्र मंथन से आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। अमृत कलश के अमृत का पान करके देवता अमर हो गए थे। इसीलिए आयु और स्वस्थता की कामना हेतु धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि का पूजन किया जाता है।
2. देवी लक्ष्मी की पूजा : इस दिन लक्ष्मी पूजा का भी महत्व है। श्रीसूक्त में वर्णन है कि लक्ष्मीजी भय और शोक से मुक्ति दिलाती हैं तथा धन-धान्य और अन्य सुविधाओं से युक्त करके मनुष्य को निरोगी काया और लंबी आयु देती हैं।
3. यक्षराज कुबेर पूजा : धन के देवता कुबेर की इस दिन विशेष पूजा होती है। कुबेर भी आसुरी प्रवृत्तियों का हरण करने वाले देव हैं इसीलिए उनकी भी पूजा का प्रचलन है।
4. यमराज जी की पूजा : धन तेरस के दिन यम पूजा का भी महत्व है। कहते हैं कि धनतेरस के दिन यमराज के निमित्त जहां दीपदान किया जाता है, वहां अकाल मृत्यु नहीं होती है।
5 भगवान गणेश जी की पूजा : गणेशजी की पूजा प्रत्येक मांगलिक कार्य और त्योहार में की जाती है क्योंकि वे प्रथम पूज्य हैं। सभी के साथ गणेश पूजा की जाना जरूरी होती है।
6. पशु पूजा : धनतेरस के दिन ग्रामीण क्षेत्र में मवेशियों को अच्छे से सजाकर उनकी पूजा करते हैं, क्योंकि ग्रामीणों के लिए पशु धन का सबसे ज्यादा महत्व होता है। दक्षिण भारत में लोग गायों को देवी लक्ष्मी के अवतार के रूप में मानते हैं इसलिए वहां के लोग गाय का विशेष सम्मान और आदर करते हैं।
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Publish Date: Fri, 10 Nov 2023 (16:27 IST)
Updated Date: Fri, 10 Nov 2023 (15:51 IST)