दीपावली धन प्राप्ति के लिए श्रेष्ठतम समय है। जिन्हें धन की अभिलाषा हो, उन्हें इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए। प्रस्तुत मंत्र सरलतम हैं और इन्हें पढ़ने से मां लक्ष्मी की कृपा तुरंत मिलती है।
श्रीयंत्र, श्री महालक्ष्मी यंत्र, लक्ष्मी यंत्र ना हो तो बैठी कमलवासिनी लक्ष्मी के चित्र का पूजन कर निम्न मंत्रों में से किसी एक मंत्र का जप स्फटिक की माला से करना चाहिए। दूसरे दिन वह यंत्र या माला दोनों धारण की जा सकती है अथवा उसे तिजोरी-गल्ले में रख दें, फिर चमत्कार देखें।
(1) 'ॐ श्रीं श्रियै नम:।'
(2) 'ॐ कमलवासिन्यै श्रीं श्रियै नम:।'
(3) 'ॐ श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्री ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।'
(4) 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं ह्रीं नम:।'
(5) 'ॐ श्रीं श्रीं श्रीं नम:।'
(6) व्यापार वृद्धि के लिए निम्न मंत्र श्रीयंत्र को सामने रखकर पूजन कर जपें।
मंत्र- 'ॐ ह्रीं ऐं व्यापार वृद्धिं ॐ नम:।'
(7) दरिद्रता नाश के लिए यदि कोई भी प्रयोग सफल न हो तो दुर्गाजी के यंत्र, प्रतिमा, चित्र के सामने निम्न मंत्र जपें।
'ऐं श्रीं ऐं यं रं लं वं दुर्ग तारिण्यै देन्य नाशिन्ये स्वाहा।।'
यथाशक्ति जप कर नित्य एक माला जपें। 2 माह बाद प्रभाव दृष्टिगोचर होगा।
(8) जिन व्यक्तियों का बुद्धि विकास रुक गया हो तथा कार्यबाधा आती हो, वे गणेशजी के सामने जपें-
'ॐ ऐं ह्रीं श्रीं सरस्वत्यै नम:।।'
(9) जिन व्यक्तियों को मकान बनाने या जमीन या प्लॉट खरीदने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, वे निम्न मंत्र का जप करें, शीघ्र अभिलाषा पूर्ण होगी।
'ॐ ह्रीं वसुधा लक्ष्म्यै नम:।।'