ईद-उल-अजहा की कुर्बानी को लेकर शरीयत में दी गई है ये सलाह

ईद-उल-अजहा : जानें कुर्बानी का तरीका 
 
मुसलमानों के लिए अल्लाह ने खुशी मनाने के लिए साल में मुकर्रर दो ईद में से एक ईदुल-अजहा है। ईद-उल-अजहा पैगंबर हजरत इब्राहीम अलेहिस्सलाम द्वारा अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे हजरत इस्माईल अलैय सलाम की कुर्बानी देने की यादगार है। 
 
अल्लाह के हुक्म पर हजरत इब्राहीम अलेहिस्सलाम ने जब अपने बेटे इस्माईल अलेहिस्सलाम को कुर्बान करने की तैयारी की, जिसे अल्लाह ने कबूल कर लिया। अल्लाह को उनकी यह अदा इतनी पसंद आई कि पैगंबर हजरत मुहम्मद सल्लाहो-अलैह व सल्लम की उम्मत पर इसे वाजिब करार दे दिया। 
 
पैगंबर साहब ने फरमाया था कि कुर्बानी के जानवर कयामत के दिन पुल-सरात की सवारियां होंगी। 
 
कुर्बानी का तरीका :
 
* कुर्बानी का जानवर तंदुरुस्त, बिना कोई ऐब वाला होना चाहिए।

* कुर्बानी करते वक्त जानवर को किबला रुख लिटाकर दुआ पढ़ते हुए कुर्बानी करना चाहिए।

* कुर्बानी के गोश्त के तीन बराबर हिस्से करना चाहिए, जिनमें से एक खुद के घर के लिए, दूसरा रिश्तेदारों व दोस्तों के लिए और तीसरा गरीबों के लिए होना चाहिए।

ALSO READ: ईद-उल-अजहा : जानें कुर्बानी का इतिहास, मकसद और कौन करे कुर्बानी

वेबदुनिया पर पढ़ें

अगला लेख 20 से 26 अगस्त : साप्ताहिक राशिफल