Funny Stories %e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%87 %e0%a4%a4%e0%a4%aa%e0%a5%87 %e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%aa%e0%a4%be 109052600020_1.htm

Dharma Sangrah

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

केसे तपे नोतपा

झोले-बतोले

Advertiesment
नोतपा
को खाँ, नोतपा शुरू हो गया हे मगर पारा च़ढ़ने के बजाय उतरता जा रिया हे। बीते सालों में नोतपे के पेल ई दिन इत्ते तप जाते हें के बाद में तपने को कुछ खास नई बचता। जब लोग आग बरसने की आस लगाए रेते हें तब ठंडी बयारें चलने लगती हें। दांव कहीं लगता हे, बाजी कोई ओर के हाथ रेती हे। मामला चाहे सियासत का हो या फिर ट्वेंटी-ट्वेंटी का। अरबी घो़ड़े ई लंग़ड़ाते नजर आए। पानी की उम्मीदों पर पानी प़ड़ते दिखा।

ND
मियाँ, हाल में दो सनसनीखेज मुकाबले चल रिए थे। एक मुल्क के भीतर था तो दूसरा मुल्क के बाहर। दोनों में खरगोश की हार हुई ओर कछुए जीत गए। जम्हूरियत के सबसे बड़े जश्न लोकसभा चुनाव में बाजी उसी के हाथ लगी जिसे 'कमजोर' करार दिया जा रिया था। उसी कमजोर ने ब़ड़ी खामोशी से ब़ड़े-ब़ड़े दिग्गजों को मात दे डाली। काबिलियत के हवाई दावे करने वाले ओंधे प़ड़े नजर आए। अपनी गलतियाँ समझने के बजाए किस्मत को गालियाँ दे रिए हें। तमन्ना तो ये थी के दिल्ली का तख्त अपने कब्जे में होगा। अब टूटी कुर्सियों पे बेठ के राम नाम जप रिए हें।

खाँ, दूसरा मुकाबला आईपीएल का था। इसमें किरकेट के खेल को तमाशे में बदलने की पुरजोर कोशिश हुई। हर जज्बात ओर हुनर को माल के तराजू पे तोला गया। दरअसल ये पेसों से, पेसों का ओर पेसे के लिए चलने वाला खेल हे। ये धंधे ओर तमाशे का मिला-जुला रियलिटी शो हे। इसमें हँसना-रोना सब बराबर हे। फाइनल में तमाम लोग रॉयल चेलेंजर्स पर दांव लगा रिए थे, एन वक्त पर डेक्कन चार्जर्स ने दम मार दिया। रॉयल के सपने राख हो गए।

ये ई हाल मोसम का हे। मियाँ, लगता तो ये हे के मानसून ओर नोतपे के रिश्ते में कुछ लोचा आ गया हे। पेले नोतपे का ताप देख के मानसून अपने बरसने के बारे में फेसला करता था। आजकल पारा पेली पारी में हाफ सेंचुरी बनाने के मूड में रेता हे। तो मानसून भी बीच नोतपे में मिस कॉल मार के चुप हो जाता हे। उधर नजूमी मानसून की कुंडलियाँ बाँच-बाँच के लोगों के पसीने पे हवा मारने की कोशिश करते रेते हें। हकीकत में बदलते मोसम के तेवरों के बारे में कोई को कुछ पता नई रेता। बरसने में कोताही हुई तो केह देंगे के गिरह दशा खराब थी। खूब बरसे तो सुनने को मिलेगा के इस दफा खास अनुष्ठान करके नोतपे को सेट कर लिया था।

- बतोलेबाज (बकलम-अजय बोकिल)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi