-
देवेंद्र शर्मा
बेटा : मैया ! मोहे टाटा कार दिला दे।
जिसमें बैठ में कॉलेज जाऊँ,
'गर्लफ्रेंडन' को खूब घुमाऊँ,
ऐसे मजे करा दें....
मैया ! मोहे टाटा कार दिला दे।
जब से सुना, ये कार है सस्ती,
मन पे छाई औघड़ मस्ती।
हूँ बेकार, पर कार में निकलूँ
मेरी लाइफ बना दे...
मैया ! मोहे टाटा कार दिला दे।
टाटा का हम नमक हैं खाते,
साबुन लाते, तेल लगाते।
फिर क्यों वंचित रहें कार से
इतना मोहे बता दे...
मैया ! मोहे टाटा कार दिला दे।
मैया : एक लाख सस्ते नहीं होते,
जीवन बीता कर्जा ढोते।
बेटा ! जिससे पैसा तोडूँ
पहले, ऐसा पेड़ उगा दे...
बेटा : मैया ! मोहे टाटा कार दिला दे।