-
देवेंद्र शर्मा
नी सुल्ताना रे... ठंड का मौसम आया।
अरे हाय रे, कँपी काया।।
स्वेटर पहना, जैकेट पहनी
दस्ताने और टोपा पहना... रे।
फिर भी न रुकी, कँपकँपी हा।
नी सुल्ताना रे... ठंड का मौसम आया।
* बलम बबुआ, बेदर्दी
सर्दी आई, आ जा ।
दूध जलेबी, मस्त पकौड़े
गरम गराडू खिला जा।।
तेरे हाथों से मैं खा लूँ,
हाथ अपने न निकालूँ
मीडिया को भी बुला लूँ,
शहर में चर्चा हो जाए।
ठंड पे छा जाएँ हम-तुम
सुर्खियों में आ जाएँ हम-तुम,
इतना कुछ खा जाएँ हम-तुम,
कई दिन होश न आए।
मस्त-मस्त मूवी, कोई दिखा जा
लाँग ड्राइन पे ले चल,
मॉल घुमा जा।
बलम बबुआ, बेदर्दी,
सर्दी आई आ जा.. सर्दी आई आ जा...
नी सुल्ताना रे... ठंड का मौसम आया।