Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

भाजपा घोषणा पत्र में कैसा होगा देश का आर्थिक खाका, जानिए

हमें फॉलो करें भाजपा घोषणा पत्र में कैसा होगा देश का आर्थिक खाका, जानिए
, सोमवार, 7 अप्रैल 2014 (14:50 IST)
FILE
नई दिल्ली। आर्थिक वृद्धि दर को तेज करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने को उच्च प्राथमिकता देने का वायदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कहा कि यदि वह सत्ता में आई तो महंगाई पर लगाम लगाएगी, कर व्यवस्था में सुधार करेगी, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करेगी पर मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को कारोबार की छूट नहीं दी जाएगी।

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा आज यहां जारी पार्टी के ‘चुनाव घोषणापत्र-2014’ में कांग्रेस नीत संप्रग सरकार पर ‘कर आतंकवाद एवं अनिश्चितता’ फैलाने तथा 10 वर्ष के रोजगारविहीन विकास की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया गया है।

भाजपा ने उंची मुद्रास्फीति (महंगाई दर) पर अंकुश लगाने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष की स्थापना करने, राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करने तथा बैंकों के वसूल नहीं हो रहे कर्ज (एनपीए) की समस्या से निपटने के लिए बैंकिंग क्षेत्र में सुधार को आगे बढ़ाने का वायदा किया है।

भविष्य की आर्थिक योजनाओं का अनावरण करते हुए भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा है, कांग्रेसनीत संप्रग सरकार ने देश को 10 वर्ष तक रोजगार विहीन वृद्धि के दौर में फंसा रखा है। भाजपा वृहद आर्थिक पुनरोद्धार के तहत रोजगार सृजन और उद्यमशीलता के लिए अवसरों के निर्माण को उच्च प्राथमिकता देगी। कृषि क्षेत्र के संदर्भ में इसमें घोषणा पत्र में ‘एकल राष्ट्रीय कृषि बाजार’ के सृजन और कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश बढाने का वायदा किया गया है।

कर प्रणाली में सुधार के संदर्भ में पार्टी ने कहा है कि संप्रग सरकार ने देश में ‘कर आतंकवाद’ और ‘अनिश्चितता’ की स्थिति पैदा कर दी है। इससे न केवल व्यवसायी वर्ग चिंतित है बल्कि निवेश का माहौल बिगड़ गया है तथा देश की साख पर भी बट्टा लगा है।

कर सुधार का वायदा करते हुए भाजपा ने कहा है कि उसकी कर नीति में कर व्यवस्था को वैर-भाव से मुक्त व कर वातावरण को सहज बनाने पर ध्यान होगा। पार्टी कर विवाद निपटान व्यवस्था को दुरस्त करेगी, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने में सभी राज्यों को साथ लेगी और निवेश बढाने के लिए कर-प्रोत्साहन देगी।

घोषणापत्र में कहा गया है कि केन्द्र में भाजपा नीत सरकार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को अधिक संयमित और प्रभावी बनाने के लिए इसकी खरीद, भंडारण और वितरण के काम को अलग-अलग करेगी। पार्टी ने वायदा किया है कि लोगों की खान-पान की आदतों के अनुरूप क्षेत्र विशेष में अलग-अलग फसलों और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहन और समर्थन देगी।

उद्योगों को बढ़ावा देने के संदर्भ में भाजपा ने कहा है, ‘हमें वैश्विक उद्योगों का महज बाजार बनकर नहीं रहना चाहिए। इसके बजाय हमें वैश्विक विनिर्माण केन्द्र के रूप में स्थापित होना चाहिए।’ पार्टी ने कहा है कि भारत घरेलू औद्योगिक इकाइयों को नवप्रवर्तन और वैश्विक स्तर पर गठबंधन के प्रोत्साहित करेगी। कारोबार की स्वतंत्रता का उल्लेख करते हुए घोषणापत्र में कहा गया है कि उसकी सरकार लोगों के वैध कारोबार शुरू करने की राह में बाधा नहीं बनेगी।

घोषणापत्र में कहा गया है, ‘कारोबार की स्वतंत्रता बढ़ने से नए लोगों के लिए कारोबार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। खासकर छोटे और मझोले उद्यमों के लिए अवसर बढ़ेंगे। नये रोजगार पैदा होंगे और समृद्धि बढ़ेगी।’ पार्टी ने लाल फीताशाही खत्म करने और नियम प्रक्रिया सरल करने का वायदा किया है ताकि काम धंधा शुर करने वालों को आसानी हो।

भाजपा ने देश में विनिर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का वायदा किया है। घोषणापत्र में कहा गया है कि वह प्रस्तावों को मंजूरी देने, लॉजिस्टिक्स (परिवहन आदि) के बुनियादी ढांचे में निवेश, बिजली की आपूर्ति, श्रम कानूनों में सुधार के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी। इसके साथ पार्टी ने निवेश के वातावरण को अनुकूल बनाने का भी वायदा किया है।

घोषणापत्र में कहा गया है कि भाजपा सत्ता में आई तो देश में 100 नए शहरों के निर्माण की पहल करेगी। इन शहरों में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे का प्रयोग होगा और इनके विकास में टिकाऊपन की अवधारणा पर ध्यान दिया जाएगा और इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि इन शहरों में लोग पैदल चल कर अपने कार्यस्थल तक पहुंच सकें। ये शहर अलग-अलग विशिष्टता रखने वाले शहर होंगे।

कौशल विकास के संबंध में भाजपा ने कहा कि एक ‘राष्ट्रीय बहु कौशल मिशन’ शुरू करेगी। इसके तहत वृहद् स्तर पर व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। (भाषा)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi