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भाजपा-अपना दल गठबंधन से मोदी की मदद

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वाराणसी
वाराणसी। ‘खेल बिगाड़ने वाले’ अपना दल के साथ भाजपा का गठबंधन वाराणसी निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 2 लाख कुर्मी मतदाताओं को रिझाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
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प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के मैदान में होने की वजह से वाराणसी सीट की चुनावी लड़ाई अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

चुनाव पूर्व हुए इस गठबंधन को मोदी के लिए इस लड़ाई को आसान बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि कुर्मियों के वोट मोदी को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ 12 मई को होने वाले चुनाव में बढ़त दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं।

मंदिरों की इस नगरी से कांग्रेस ने अजय राय को चुनावी मैदान में उतारा है जबकि आम आदमी पार्टी ने अपने प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मोदी के खिलाफ उतारा है।

किसी उम्मीदवार के खिलाफ लाखों की संख्या में वोटों को इधर से उधर करने की क्षमता रखने वाले अपना दल को ‘खेल बिगाड़ने वाला’ कहा जाता है। यहां के 5 विधानसभा क्षेत्रों में से 2 (रोहानिया और सेवापुरी) में यह दल विशेष मौजूदगी रखता है।

भाजपा और अपना दल के बीच यह चुनावी गठबंधन मार्च के अंतिम सप्ताह में ही हुआ है। आपस में गठबंधन की भाजपा के शुरुआती आग्रह को स्वीकार न करने वाला अपना दल अब 2 सीटों प्रतापगढ़ और मिर्जापुर के लिए राजी हुआ है। मिर्जापुर निर्वाचन क्षेत्र की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।

हालांकि भाजपा के भीतर के सूत्रों ने कहा कि लंबे समय तक इस चुनावी गठबंधन के लिए किए गए प्रयासों के वाराणसी के लिए खास मायने हैं। यह सीट देशभर में होने वाले लोकसभा चुनावों की ऐसी महत्वपूर्ण सीट बन गई है जिस पर सबकी नजर है।

अपना दल की एकमात्र विधायक और अनुप्रिया पटेल ने बताया कि हम सिर्फ अपने ही उम्मीदवारों के लिए नहीं बल्कि वाराणसी में नरेन्द्र मोदी की जीत सुनिश्चित करने के लिए भी मेहनत करेंगे।

अनुप्रिया के दिवंगत पिता सोनलाल पटेल ने 1990 के दशक में अपना दल की स्थापना की थी और कुर्मी मतदाताओं के बीच वे एक व्यापक अपील वाले नेता के रूप में उभरे थे।

अनुप्रिया ने कहा कि हम यह दावा कर सकते हैं कि हमारी पार्टी कम से कम 1.5 लाख वोट मोदी के पक्ष में करने में मदद करेगी। (भाषा)

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