भोपाल। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को लेकर गढ़े जा रहे नारे नए नए विवादों का कारण बनते जा रहे हैं। 'हर-हर मोदी' के नारे संबंधी विवाद के अब 'मान लो रसूल है मोदी' की पंक्ति विवाद का एक बड़ा कारण बन गई है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष मोहम्मद सलीम ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग को एक शिकायत सौंपी है, जिसमें उस भड़काऊ पैम्पलेट का हवाला दिया गया है, जो भोपाल में महत्वपूर्ण स्थानों पर शरारती तत्वों द्वारा चस्पा किया गया है।
कांग्रेस ने इस पैम्पलेट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इस प्रकार की आपत्तिजनक प्रचार सामग्री को चस्पा करने और बांटने वालों पर सख्त नजर रखने की मांग की है। कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग ने चुनाव आयोग को जो शिकायत सौंपी है, उसके साथ विवादास्पद भड़काऊ पैम्पलेट की प्रति भी संलग्न की है। विभाग के अध्यक्ष सलीम ने बताया है कि इस पैम्पलेट में भाजपा का चुनाव चिन्ह भी छपा है।
इस पर्चे में भाजपा के नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांधते हुए काव्यात्मक शैली में 30 पंक्तियां भी शामिल हैं। इन पंक्तियों में से चार को लेकर कांग्रेस ने सख्त एतराज जताया है। चुनाव आयोग को सौंपी गई शिकायत में कहा गया है कि इसमें चार आपत्तिजनक पंक्तियां इस तरह हैं 'अजान में मोदी, कुरान में मोदी, आगाज में मोदी, नमाज में मोदी, अब तो मान लो रसूल हैं मोदी'। यह पंक्ति मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली है।
पिछले दिनों मोदी के पक्ष में प्रचारित किया गया एक नारा 'हर- हर मोदी' चर्चाओं में आया था जिसका शंकराचार्य सहित अन्य लोगों की ओर से विरोध किए गया था। बाद में भाजपा ने इसे अपना नारा नहीं माना था बल्कि कहा था कि यह जनता के उत्साह का प्रतीक है। अब मोदी की तुलना 'रसूल' से की गई है जो बड़े विवाद को जन्म दे सकती है।