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वाराणसी के गुजराती मोदी के पीछे

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नरेन्द्र मोदी
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बनारस शहर में 10 हजार से अधिक गुजराती बसते हैं, जिन्होंने इससे पहले कभी भी नरेन्द्र मोदी को वोट नहीं दिया है। लेकिन इस बार वे नरेन्द्र मोदी को ही वोट देंगे। उनका मानना है कि मोदी के रूप में देश को एक ऐसा प्रधानमंत्री मिलेगा, जिसकी इच्छाशक्ति बहुत ही मजबूत होगी।

डेली मेल ऑन लाइन में प्रकाशित एक लेख में बनारस में जो गुजराती बसे हुए हैं, उनमें से ज्यादातर ऊंची जातियों के हैं। इनमें से भी सबसे ज्यादा संख्या ब्राह्मणों की है। इन लोगों के बहुत सारे संबंधी भी गुजरात में रहते हैं। इन्हीं में से बहुत से लोगों ने दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (आप) के पक्ष में प्रचार किया था, लेकिन अब स्थितियां बदल गई हैं।

इनमें से कई लोगों का मानना है कि राष्ट्रीय राजनीति में आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल को अभी भी बहुत सारी बातें सीखनी हैं। हमने लोकसभा चुनावों में मोदी को समर्थन देने का फैसला किया है क्योंकि अमेरिका और चीन जैसे धौंस जमाने वाले देश उनकी अनदेखी नहीं कर पाएंगे जैसी कि वे पिछले एक दशक से भारत के साथ करते रहे हैं।

वाराणसी के रामघाट क्षेत्र में रहने वाले रमाशंकर पंड्‍या का कहना है कि हम सोचते हैं कि किसी अन्य नेता की देश की ओर देखने की कोई मंशा नहीं है। मोदी अपने ‍इन विचारों को बताते हैं। इसलिए हम उन्हें लोकसभा चुनावों में समर्थन दे रहे हैं। पंड्‍या खेरावल ब्राह्मण हैं जो कि उत्तर-‍पश्चिम गुजरात में अधिकतर रहते हैं। पंड्‍या का परिवार पंद्रहवीं सदी में गुजरात छोड़कर आ गया था क्योंकि तब उनके इलाके में मुगल सरदार लूटपाट करते थे।

बहुत सारे गुजराती हीरा व्यापारी अपने कारोबारी काम के सिलसिले में वाराणसी में आते हैं, लेकिन इस बार बड़ी संख्या में गुजराती आ रहे हैं और वे मोदी के चुनाव प्रचार में मदद देने के लिए आए हैं। मेल टुडे से भाजपा सूत्रों ने बताया कि ये लोग चुनाव आयोग की नजरों से खुद को बचाने के लिए अपने संबंधियों और मित्रों के घरों में ठहरे हैं। उनका कहना है कि पिछली बार उन्हें एक गुजराती का समर्थन करने का अवसर मोरारजी देसाई के समय पर मिला था। अब यह अवसर नरेन्द्र मोदी ने उपलब्ध कराया है।

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