स्टूडेंट्स को सोमवार 1 फरवरी सुबह से ही जिस घड़ी का इंतजार था वह रात 8.30 बजे आई। सोमवार रात घोषित हुए सीए आईपीसीसी/पीसीसी और पीई-2 के परीक्षा परिणाम कई चेहरों पर खुशी की लालिमा छोड़ गए।
नवंबर 2008 के प्रथम सप्ताह में आयोजित हुई इस परीक्षा के परिणाम घोषित हुए तो विद्यार्थियों ने सबसे पहले रुख किया इंस्टीट्यूट और साइबर कैफे की ओर। पीसीसी में शहर के रजनीश लुनिया ने ऑल इंडिया रैंक 38, प्रखर नागोरी ने 39वीं ऑल इंडिया रैंक और पल्केश असावा ने 43वीं रैंक हासिल की।
सीए-आईपीसीसी परीक्षा में सिद्धार्थ जैन ने 46वीं ऑल इंडिया रैंक प्राप्त की। विद्यार्थियों ने इस सफलता के साथ ही सीए बनने की राह में दूसरा चरण पार कर लिया है। सीपीटी के बाद होने वाली इस परीक्षा को पार कर लेने वाले विद्यार्थियों को अब सीए की राह का महज एक पड़ाव और पार करना है।
सफलता का श्रेय परिजनों को- आईपीसीसी में ऑल इंडिया 39वीं रैंक प्राप्त करने वाले प्रखर नागौरी अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों को देते हैं। वे कहते हैं कि मेरे पापा के सीए होने से मुझे उनका सहयोग प्राप्त हुआ। आईपीसीसी की तैयारी के लिए मैं कोचिंग इंस्टीट्यूट के अलावा 4 से 5 घंटे तैयारी भी करता था।
4 घंटे पढ़ता था- आईपीसीसी में ऑल इंडिया 43वीं रैंक पाने वाले पल्केश असावा कहते हैं कि मैं प्रतिदिन 4 घंटे पढ़ाई करता था। पापा के सीए होने की वजह से पढ़ाई के दौरान जो भी समस्या होती थी मैं पापा से पूछ लेता था। मुझे उम्मीद नहीं थी कि रैंक लगेगी।
कड़ी मेहनत पर रखता हूँ विश्वास- पीसीसी में ऑल इंडिया 46वीं रैंक प्राप्त करने वाले सिद्धार्थ जैन बताते हैं कि मैं हमेशा कड़ी मेहनत पर विश्वास रखता हूँ। सर क्लास में जो भी मार्गदर्शन देते थे मैं उस पर उस बारे में मेहनत करता था। मैं सीए करने के बाद एमबीए करना चाहता हूँ।