Publish Date: Wed, 01 Jul 2026 (11:01 IST)
Updated Date: Wed, 01 Jul 2026 (12:31 IST)
Gujarat government's big decision : गुजरात में यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) जैसी प्रतिष्ठित और कठिन सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। गांधीनगर स्थित स्पीपा (SPIPA सरदार पटेल लोक प्रशासन संस्थान) और उसके प्रशिक्षण केंद्रों में अध्ययन करने वाले होनहार उम्मीदवारों को दी जाने वाली वित्तीय प्रोत्साहन सहायता में सरकार ने भारी बढ़ोतरी की है। इस महत्वपूर्ण निर्णय का मुख्य उद्देश्य राज्य के मध्यम और सामान्य वर्ग के युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की ओर आकर्षित करना और राष्ट्रीय स्तर पर सिविल सर्विसेज में गुजरात का प्रतिनिधित्व मजबूत करना है।
इस नई व्यवस्था के तहत, यूपीएससी प्रारंभिक (प्रिलिम्स) परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रशिक्षु उम्मीदवारों को उनकी पढ़ाई और किताबों आदि के नियमित खर्चों को पूरा करने के लिए हर महीने 4,000 रुपए तक की मासिक सहायता (स्टाइपेंड) दी जाएगी। इस नियमित स्टाइपेंड के अलावा परीक्षा के प्रत्येक कठिन चरण को सफलतापूर्वक पार करने पर छात्रों का उत्साह बढ़ाने के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन राशि भी तय की गई है। इस योजना में विशेष रूप से छात्राओं को अधिक आर्थिक सहायता देकर महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया गया है।
योजना के ढांचे के अनुसार, जो उम्मीदवार यूपीएससी प्रिलिम्स परीक्षा पास करेंगे, उन छात्रों को 35,000 रुपए और छात्राओं को 50,000 रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी। इसके बाद दूसरे चरण की मुख्य परीक्षा (Mains) में सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों को रुपए 45000 और छात्राओं को रुपए 55,000 का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस कठिन सिविल सेवा परीक्षा को पास करने के लिए उम्मीदवार सालों तक कड़ी मेहनत करते हैं, ऐसे में यह सरकारी सहायता उनके लिए बहुत बड़ा आर्थिक संबल साबित होगी।
परीक्षा के अंतिम चरण यानी साक्षात्कार (इंटरव्यू) पूरा होने के बाद यूपीएससी में फाइनल सिलेक्शन (अंतिम चयन) प्राप्त कर देश की सेवा में शामिल होने वाले छात्रों को 75,000 रुपए जबकि छात्राओं को 1 लाख रुपए की विशेष सहायता दी जाएगी। इस प्रकार सभी चरणों के संशोधित दरों को मिलाकर कुल प्रोत्साहन सहायता छात्रों के लिए 1.55 लाख रुपए तक और छात्राओं के लिए अधिकतम 2.05 लाख रुपए तक पहुंच जाएगी। राज्य सरकार के इस सराहनीय कदम से गुजरात के अनगिनत छात्र आर्थिक चिंता के बिना सिविल सेवा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।