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Nautapa and Health: नौतपा और स्वास्थ्य: डॉक्टर की सलाह कब है जरूरी?

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The picture shows a scene informing a patient about seeking medical advice during Nautapa
heatstroke symptoms and treatment: नौतपा की भीषण गर्मी में शरीर एक सीमा तक ही तापमान को नियंत्रित कर पाता है। कई बार हम सामान्य थकान या सिरदर्द समझकर उन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो वास्तव में मेडिकल इमरजेंसी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में घरेलू नुस्खों के बजाय तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जीवन रक्षक साबित हो सकता है।ALSO READ: नौतपा की 'आग' उगलती गर्मी से कैसे बचें? ये 5 सावधानियां और 10 गोल्डन रूल्स बदल देंगे आपका समर गेम!
 

यहां वे मुख्य लक्षण और स्थितियां दी गई हैं जब आपको बिना देरी किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए:

 

1. हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) के गंभीर संकेत

यह सबसे खतरनाक स्थिति है। यदि किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखें, तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं:
 
तेज बुखार: शरीर का तापमान 103°F (39.4°C) या उससे अधिक हो जाना।
 
पसीना बंद होना: त्वचा का गर्म और लाल होना, लेकिन पसीना बिल्कुल न आना (यह संकेत है कि शरीर की कूलिंग प्रणाली फेल हो गई है)।
 
भ्रम या बेहोशी: व्यक्ति का लड़खड़ाना, भ्रमित होना (Confusion), चिड़चिड़ापन या बेहोश हो जाना।
 
तेज धड़कन: दिल की धड़कन का असामान्य रूप से तेज और भारी महसूस होना।
 

2. गंभीर डिहाइड्रेशन (Dehydration)

यदि पानी पीने के बाद भी स्थिति न सुधरे और निम्नलिखित लक्षण बने रहें:
 
पेशाब की कमी: 6-8 घंटे से अधिक समय तक पेशाब न आना या पेशाब का रंग बहुत गहरा पीला होना।
 
मुंह और आंखों का सूखना: होंठों का फटना और विशेषकर बच्चों में रोते समय आंखों से आंसू न निकलना।
 
अत्यधिक सुस्ती: बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना कि उठना भी मुश्किल लगे।ALSO READ: Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां
 

3. लगातार उल्टियां और दस्त

गर्मी में 'फूड पॉइजनिंग' या लू के कारण बार-बार उल्टियां हो सकती हैं। यदि व्यक्ति कुछ भी खा-पी नहीं पा रहा है और बार-बार उल्टी हो रही है, तो शरीर में नमक और पानी का संतुलन बिगड़ सकता है। इसके लिए अस्पताल में IV Fluids (ड्रिप) की आवश्यकता हो सकती है।
 

4. मांसपेशियों में ऐंठन (Heat Cramps)

यदि हाथ-पैर या पेट की मांसपेशियों में तेज दर्द और ऐंठन हो रही हो जो आराम करने और तरल पदार्थ लेने के 1 घंटे बाद भी ठीक न हो, तो यह गंभीर इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का संकेत है।
 

5. पुराना रोग होने पर

यदि आपको या परिवार में किसी को निम्नलिखित बीमारियां हैं, तो नौतपा में थोड़ी भी अस्वस्थता होने पर डॉक्टर से पूछें:
 
हृदय रोग (Heart Disease): गर्मी दिल पर अधिक दबाव डालती है।
 
किडनी की समस्या: डिहाइड्रेशन किडनी के लिए घातक हो सकता है।
 
मधुमेह (Diabetes): शुगर के मरीजों को डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक होता है।
 

डॉक्टर के पास जाने से पहले क्या करें? (First Aid)

जब तक आप डॉक्टर तक पहुंचते हैं या मदद आती है, तब तक ये कदम उठाएं:
 
मरीज को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं।
 
उनके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें या स्प्रे करें।
 
पंखे या कूलर की हवा सीधे उन पर डालें।
 
यदि वे सचेत हैं, तो उन्हें धीरे-धीरे पानी या ओआरएस (ORS) पिलाएं। ध्यान रहें कि बेहोश व्यक्ति के मुंह में कुछ न डालें।
 
सावधानी: नौतपा में अपनी मर्जी से कोई भी 'एंटीबायोटिक' या भारी दवा न लें, क्योंकि गर्मी में कुछ दवाएं डिहाइड्रेशन को और बढ़ा सकती हैं। हमेशा डॉक्टर के परामर्श का पालन करें।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां

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