Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

शैंपू करने से हो सकता है स्तन कैंसर...

Advertiesment
रसायन
जी हां, अगर आप शैंपू, बॉडी लोशन, सनस्क्रीन व अन्य सौंदर्य प्रसाधनों कर अत्यधिक प्रयोग करते हैं, तो आपको स्तन कैंसर हो सकता है । यह बात हम नहीं कह रहे, बल्कि सौंदर्य प्रसाधनों पर किए गए एक ताजा शोध में यह बात सामने आई है। यही नहीं, इनमें प्रयोग किए जाने वाले रसायन आपको कई तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं।
 
दरअसल इनमें पाया जाने वाला रसायन पैराबेन्स, शरीर की ग्रंथियों से स्त्रावित होने वाले एस्ट्रोजेन हार्मोन की तरह ही होता है और बिल्कुल उसी की तरह प्रतिक्रिया भी देता है। शोध के अनुसार यह रसायन शरीर में उन सभी अन्य बीमारियों के लिए भी जिम्मेदार होता है, जो एस्ट्रोजन के असंतुलन के कारण पैदा होती हैं।
 
पैराबेन्स नामक इस रसायन को एस्ट्रोजेनिक माना जाता है, क्योंकि यह न केवल एस्ट्रोजेन की तरह प्रतिक्रिया देता है, बल्कि प्राकृतिक रूप से इस हार्मोन का स्त्राव करने वाली ग्रंथियों को भी स्त्रवण के लिए सक्रिय करने का कार्य करता है। हालांकि पैराबेन्स द्वारा स्तन कैंसर की संभावना जरूर होती है, लेकिन इसका खतरा कम ही होता है। परंतु जब यह रसायन अन्य वृद्धि‍कारक कोशिकाओं के संपर्क में आता है, तो यह कैंसर के खतरे को अत्यधिक बढ़ा देता है।
 
वैसे तो सुरक्षात्मक रूप से प्रयोगशाला में इस तरह रसायनों का परीक्षण भी किया जाता है, जिसमें इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाता है कि पैराबेन्स जैसे रसायन मानव कोशिका पर किस तरह की प्रतिक्रि‍या देते हैं। लेकि‍न किसी भी रूप में इसके सकारात्मक या नकारात्मक परिणामों से इंकार नहीं किया जा सकता। 
 
हालांकि इस बारे में पहले हो चुके शोध में यह बात भी साफ हो चुकी है, कि पैराबेन्स की बहुत कम मात्रा, स्तन कैंसर को प्रोत्साहित करने में अक्षम होती है, जो वैज्ञानिकों और संचारकों को इस विषय पर और अध्ययन व विचार करने के लिए प्रेरित करती है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi