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Dengue Shock Syndrome: डेन टू स्‍ट्रेन के साथ इस बार डेंगू हुआ ‘खतरनाक’, मरीजों को दे सकता है ‘शॉक सिंड्रोम’

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गुरुवार, 28 अक्टूबर 2021 (12:11 IST)
कोरोना के बाद अब देश को डेंगू डरा रहा है, सबसे खतरनाक बात यह है कि अब इसके भी अलग अलग स्‍ट्रेन सामने आ रहे हैं। इससे भी ज्‍यादा चिंता वाली बात यह है कि एक आदमी को एक से ज्‍यादा बार भी डेंगू हो सकता है। इसलिए खासतौर से उन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है जि‍न्‍हें एक बार डेंगू हो चुका है। दूसरी तरफ शॉक सिंड्रोम भी एक नई परेशानी है।

आइए ऐसे लोगों को कैसे सावधान रहना चाहिए, क्‍या खाना चाहिए और क्‍या नहीं।

वर्तमान में डेंगू बेहद परेशान कर रहा है, इस बार ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें मरीज डेंगू के डेन टू स्‍ट्रेन (DEN 2 Strain) से संक्रमित पाया गया है। यह डेंगू का वो स्‍ट्रेन है जो सबसे ज्‍यादा खतरनाक है।

इस स्‍ट्रेन से संक्रमित मरीज को डेंगू दीमागी बुखार या फिर डेंगू शॉक सिंड्रोम भी हो सकता है। इस स्‍ट्रेन के मरीजों की हालत बेहद नाजुक होती है। इसमें बुखार, उल्‍टी, जोड़ों के दर्द, अल्टर्ड सेंसेरियम जैसी समस्याएं होती हैं।

डेन टू स्‍ट्रेन से संक्रमित मरीज में डेंगू दिमागी बुखार और डेंगू शॉक सिंड्रोम हो सकता है। इसके लक्षण को पहचानना काफी आसान है। इस तरह से स्‍ट्रेन के मरीज में त्‍वचा पर लाल चकत्‍ते और दाने तेजी से उभरने लगते हैं और मरीज की नब्‍ज काफी धीमी हो जाती है। संक्रमण के चलते नर्वस सिस्‍टम खराब हो जाता है और मरीज सदमें की हालत में पहुंच जाता है। इस बार कोरोना संक्रमण के बीच डेंगू के जो मरीज सामने आए हैं, उनमें डेन टू स्‍ट्रेन के मरीज भी मिल रहे हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू के डेन 1, डेन 2, डेन 3 और डेन 4, चार स्टेज होते हैं। इन सभी स्‍ट्रेन में सबसे ज्‍यादा खतरनाक डेन 2 को ही माना जाता है, क्योंकि इसमें हेमरेजिक फीवर हो जाता है, प्लेटलेट्स बेहद तेजी से गिरती हैं।

इस स्‍ट्रेन से संक्रमित मरीज को डिहाइड्रेशन होने लगता है और उसके कई हिस्सों से ब्लीडिंग भी होने लगती है। अगर समय पर मरीज का इलाज नहीं किया जाए तो उसकी मौत हो सकती है. य। शॉक सिंड्रोम की भी एक वजह है।

चिंता की बात तो यह है कि अगर किसी को डेंगू हो चुका है और वह आराम से रिकवर हो गया है तो उसे दूसरी बार डेंगू का खतरा पहले से कहीं ज्‍यादा होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक क्‍योंकि डेंगू के चार स्‍ट्रेन होते हैं इसलिए इनका खतरा भी अलग-अलग होता है। किसी भी इंसान को चार बार डेंगू हो सकता है। जिस स्ट्रेन से वह संक्रमित होगा, उस स्ट्रेन का डेंगू उसे दोबारा नहीं होगा, क्योंकि शरीर में उस स्ट्रेन की एंटीबॉडीज बन जाएंगी जो लंबे समय तक चलेगी।

डेंगू से रिकवर होने पर क्या करें
अनार, संतरा और गन्ने का रस पीना खून की मात्रा बढ़ाने के लिए जरूरी है।
बैलेंस डाइट के साथ नींबू पानी और ओआरएस घोल कुछ दिन तक लेते रहें।
अंडा, चिकन और मछली खाना फायदेमंद है।

क्या ना करें
मच्छरदानी लगाए बिना न सोएं, इससे संक्रमण रोकने में मदद मिलेगी।
इस भ्रम में न रहें कि दोबारा डेंगू नहीं होगा।
हैवी एक्सरसाइज या हैवी काम न करें। जंक फूड बिल्कुल ना खाएं।

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