जी हां, सिर्फ शाकाहारी होना आपके लिए घातक भी साबित हो सकता है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि विज्ञान खुद इस बात का समर्थन करता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है, कि लंबे समय तक शाकाहार का सेवन करना अनुवांशिक परिवर्तन ला सकता है। यह अनुवांशिक परिवर्तन कोलोन कैंसर और हृदय संबंधी रोगों की संभावना को बढ़ा सकता है।
कोरनेल यूनिवर्सिटी द्वारा एक शोध किया गया था जिसमें भारतीय शाकाहारियों और यूएस के मांसाहारियों के जीन के क्रम को शामिल किया गया था। इस शोध के अनुसार, भारी और शाकाहार आधारित डाइट लेने वाले भारतीयों में युग्मविकल्पी अनुवांशिक परिवर्तन होता है, जो हृदय और कोलोन संबंधी समस्याओं के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार 100 पीढ़ियों तक शाक आधारित भोजन का सेवन करने पर वेजिटेरियन एलील नामक युग्मविकल्पीय परिवर्तन होता है जो शरीर को आसानी से कमजोर कर बीमारियों की चपेट में ला सकता है और खास तौर से हृदय रोग एवं कोलोन कैंसर का आशंका को बढ़ा सकता है।
इस शोध में शोधकर्ताओं द्वारा प्राथमिक रूप से 234 भारतीय शाकाहारियों और 311 अमेरिकी मांसाहारियों के जीन पैटर्न पर अध्ययन किया गया। जिनमें से 68 प्रतिशत भारतीय और मात्र 18 प्रतिशत अमेरिकन्स में वेजिटेरियन एलील पाया गया।
शोध के प्रमुख शोधकर्ता, प्रोफसर टॉम ब्रेन्ना के अनुसार - ऐसे कुछ स्थानों पर, जहां शाकाहार भोजन करने की ही परंपरा है, लोगों में ओमेगा-6 की अधिकता और इसके हानिकारक परिणाम, हृदय रोग और कोलोन कैंसर के रूप में देखाई देने की संभावना अधिक होगी।