Publish Date: Thu, 14 Sep 2023 (12:56 IST)
Updated Date: Thu, 14 Sep 2023 (13:00 IST)
How will Hindi develop: 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस और 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस मनाया जाता है। हिन्दी को अभी भी भारत और विश्व में वह दर्जा नहीं मिल पाया जो उसे मिलना चाहिए। संपूर्ण भारत की भाषा बनने के लिए हिंदी की अभी बहुत लंबा सफर तय करना है परंतु इस बीच हिंदी के हिंग्लिश बनते जाने से यह डर भी सता रहा है कि एक दिन बाद यह पूरी तरह अंग्रेजी में नहीं बदल जाए।
लगातार बोलते रहें : हिन्दी को बढ़ावा देने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है हिन्दी में बात करना। जहां जरूरी हो वहीं अंग्रेजी बोलें। अनावश्यक अंग्रेजी का उपयोग बंद करके हिंदी में ही बात करें। इसी के साथ शुद्ध हिंदी बोलने का प्रयास करें। शब्दों का सही उच्चारण करें।
शब्दों का चयन : बोलते और लिखते वक्त हमें हिन्दी के ही शब्दों का चयन करना चाहिए। इसमें अंग्रेजी, उर्दू या फारसी के शब्दों का उपयोग नहीं करना चाहिए। हालांकि जहां जरूरी हो वहां अंग्रेजी और फारसी को छोड़कर उर्दू का उपयोग किया जा सकता है।
हिन्दी साहित्य : देश और दुनिया में हिन्दी साहित्य को बढ़ावा देना चाहिए। इसके लिए कहानीकार, उपन्यासकार और कवियों को प्रोत्साहित करने के लिए निजी और सरकारी दोनों तौर पर व्यापक पैमाने पर आर्थिक सहयोग करने की जरूरत है।
स्कूलों में हिंदी : आजकल अधिकतर स्कूल अंग्रेजी माध्यम के बनते जा रहे हैं। स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाई जाना चाहिए परंतु हिन्दी की उपेक्षा नहीं की जाना चाहिए।
सरकारी भाषा हो हिंदी : केंद्र और राज्य सरकारें यह तरह करें कि जहां अंग्रेजी की जरूरत नहीं हो वहां सभी पपत्रो, दस्तावेजों, मुद्रित सामग्री तथा अन्य लेखन सामग्री को हिंदी में करवाया जाए। उनकी सभी सूचना और अधिसूचनाएं भी हिन्दी में होना चाहिए।
रेडियो, टीवी चैनल और सिनेमा : आजकल टीवी सीरियलों में, न्यूज चैनलों में और बॉलीवुड की सिनेमा में हर जगह हिंग्लिश हो चली है। इसे रोका जाना चाहिए तभी हमारी आने वाली पीढ़ी हिन्दी से जुड़ पाएगी।
होर्डिंग : कम से कम सभी हिन्दी राज्यों में शहरों और गांवों में जो होर्डिंग और बोर्ड लगाए जा रहे हैं वे सभी हिन्दी में होना चाहिए। दुकानों और शॉपिंग मॉल में भी हिंदी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। अगर हम कोई व्यवसाय करते है तो हम कोशिश कर सकते हैं कि समस्त साइन बोर्ड, नाम पट्टिकायें, काउन्टर बोर्ड, सूचना पट्ट आदि को हिंदी में अवश्य ही लिखें भले ही साथ में आप अंग्रेजी या अन्य किसी भाषा में भी लिखवा लें। विजिटिंग कार्ड पूर्ण रुप से आकर्षक हिंदी में लिखे जाएं।
कंप्यूटर और इंटरनेट पर हिंदी : कंप्यूटर पर हिंदी की टाइपिंग कॉमन और सरल होना चाहिए। कई फोंट की जगह एक ही फोंट होना चाहिए। इसी के साथ ही इंटरनेट पर सही और शुद्ध हिन्दी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। वर्तमान में कई वेबसाइट्स पर अशुद्ध हिंदी और हिंग्लिश का प्रचलन है। आजकल तो रोमन में सर्च किया जा रहा है तो कि गलत है।
अखबारों में हिंदी : हिन्दी के अखबारों की बड़ी जिम्मेदारी है कि वे हिंग्लिश को बढ़ावा न दें। लोगों को हिंदी के ज्यादा से ज्यादा शब्दों से परिचय कराना चाहिए।