पंडितजी अस्पताल में भर्ती थे और सभी आसपड़ोस वाले उन्हें देखने आ रहे थे।
पाठकजी भी उन्हें देखने आए तो धीरे से पूछा आखिर इतनी चोट लगी कैसे पंडितजी?
पंडितजी ने बताया- मेरी पत्नी ने करवा चौथ का व्रत रखा था, रात में जब वह चांद देखकर मेरी भी आरती उतार रही थी तो मैंने आदत के मुताबिक कह दिया कि थोड़ा जल्दी करो मुझे तीन चार जगह और जाना है पूजा के लिए ...
उसने मुझे छत से ही नीचे फेंक दिया।