एक बार घोंचूजी और पोंचूजी ट्रेन के पीछे-पीछे भाग रहे थे, तभी पोंचूजी ट्रेन में चढ़ गए। लोगों ने तालियां बजाते हुए कहा - वेलडन भाई!!! इतनी तेज चलती ट्रेन में भी आप चढ़ गए। पोंचूजी (गुस्से में) बोले - काहे का वेलडन, जाना तो उन्हें था! मैं तो बस छोड़ने आया था।