घोंचूजी ट्रेन में चढ़ने वाले थे, तभी आकाशवाणी हुई मत चढ़, ट्रेन पलट जाएगी। तब घोंचूजी प्लेन से जाने लगे फिर से आकाशवाणी हुई कि प्लेन क्रैश हो जाएगा। घोंचूजी उतरे और बस में बैठने लगा तो फिर आकाशवाणी हुई कि बस खाई में गिर जाएगी! झल्लाकर घोंचूजी ने गुस्से में पूछा की आखिर तू है कौन? आवाज आई....तेरा फरिश्ता..!! घोंचूजी चिल्लाए - साले, जब मैं घोड़ी पर चढ़ रहा था तब क्या तेरा गला बैठ गया था.....!!