घोंचूजी - यार! कल रात पार्टी का नशा मुझे पर इस तरह चढ़ा कि कुछ समझ ही नहीं आया। पोंचूजी - क्यों? क्या हुआ? घोंचूजी - कल रात घर पहुंच कर मैंने बहुत देर तक दरवाजा खटखटाता, लेकिन दरवाजा खुला ही नहीं। रात भर बाहर ही रहा। पोंचूजी - फिर क्या हुआ? घोंचूजी - सुबह आंख खुली तब याद आया कि पत्नी को मायके गई है।