कान्हा की होरी संग है राधा गोरी रंगी है छोरी। होली के रंग साजन सतरंग चढ़ी है भंग। हंसी-ठिठौली हुरियारों की होली भौजी है भोली। भीगा-सा मन प्रियतम आंगन रंगी दुल्हन। शर्म से लाल हुए गुलाल गाल मचा धमाल। रिश्तों के रंग खुशी की पिचकारी...