Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

कविता : एक पागल सी लड़की

Advertiesment
kavita
‘अस्मिता’
एक पागल-सी लड़की
आधी रात और खिड़की 
 
कई हिस्से, सवाल अनबूझे
अनसुलझे, अनजाने
उसके सपने, छूटे हुए अपने
सवालों से जूझती, लड़ती
अकेले संवरती, टूटती
एक पागल-सी लड़की
एक कदम आगे, दो कदम पीछे 
डरती, बहकती, फिर संभलती
लहरों से टकराती, तैरती
खुलखिलाती, सुबकती
फिर मुस्काती, बिगड़ती
एक पागल सी लड़की 
 
खुद में झांकती, झिझकती
मानती, नकारती
ठानती, फिर हारती
‘क्यूं’ से घबराती
गिरती, आगे बढ़ती, 
एक पागल-सी लड़की 
आधी रात और खिड़की

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

एक जीवंत परंंपरा को झुठलाने की साजिश