Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

नीले घन को चीरकर, झाँक रहा देखो दिनकर

हमें फॉलो करें webdunia
webdunia

प्रीति दुबे

सृष्टि नियंता -सूर्य
 
नीले घन को चीरकर, झाँक रहा देखो दिनकर।
 
दोनों बाहों को फैलाकर ,
जीवन पाता मैं प्रबल-प्रखर,
रश्मिकर ही तो है सुखकर,
पोषित करता सब पूरित कर।
जीवों को साँस  दिलाने को झाँक रहा देखो दिनकर।
 
सृष्टि की उत्पत्ति  तुमसे ,
भौतिक विकास संभव तुमसे ,
पुष्पों का खिलना तुमसे,
पादप की हरिता तुमसे 
जीवन अस्तित्व में लाने को झाँक रहा देखो दिनकर।
 
तुम जल वृष्टि आधार हो ,
चर-अचर जगत का सार हो ,
कुण्डिलिनी चक्र में व्याप्त हो,
सरमंडल करते राज हो,
भू पर प्रकाश बरसाने को 
झाँक रहा देखो दिनकर।
 
मैं तुच्छ जीव जीवित तुमसे ,
है प्रणव मंत्र मुखरित तुमसे ,
सृष्टि संचलन “ रीत “ तुमसे,
ऊसर धरा की "प्रीत " तुमसे
जीवन दिशा दिखाने को झाँक रहा देखो दिनकर।''

सादर आभार - रंगीला प्रदेश : प्रकाशनार्थ
सूर्य से ही सृष्टि का संचालन 
 
प्रीति दुबे ”कृष्णाराध्या”
इंदौर  मध्यप्रदेश

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

भारतीय सेना दिवस कब है क्यों मनाया जाता है?