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अन्ना तुम्हारी जय

- आशा जाकड़

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अन्ना तुम्हारी जय
ND
अन्ना जी गिरफ्तार हुए,
पूरे देश में हड़कम्प मच गया।

युवाओं में गजब का जोश आया,
अन्ना बनने का जुनून सब पर छाया।

जहां देखो अन्ना ही अन्ना नजर आने लगे,
भ्रष्टाचार हटाओ के नारे लगाने लगे।

तिहाड़ से बाहर आते ही अन्ना जी अनशन पर बैठे,
सबके हृदय में आशाओं के फूल खिल उठे।

अन्ना जी के चेहरे पर भी
युवाओं की ऊर्जा की चमक थी,
लोगों के विश्वास की दमक थी,
नए बदलाव की महक थी,
पर हृदय में सभी के कसक थी।

क्या सरकार मानेगी,
लोकपाल बिल अपनाएगी?

दिन-दिन गुजरता गया,
कारवां बढ़ता गया।

अन्ना का वजन घटता गया,
पर हौसला बढ़ता गया।

दिन-ब-दिन जन आंदोलन,
जोर पकड़ता गया,

गांव, शहर और महानगर में,
विशाल रूप लेता गया।

स्कूल, कॉलेज और क्या अधिकारी ,
अमीर, गरीब और व्यापारी सब जुट गए।
भ्रष्टाचार के विनाश पर एक मत हो गए।

लोकपाल बिल चाहिए,
सही न्याय चाहिए।
भ्रष्टाचार अब और नहीं,
भ्रष्टाचार फिर कभी नहीं।

अन्ना की अनशन की ताकत से,
सरकार नतमस्तक हो गई।

लोकपाल बिल पारित करने को,
सरकार सहमत हो गई।

वन्दे मातरम् के नारों से,
आकाश गूंजने लगा।

भाईचारा, एकता भाव
भारत में सर्वत्र बरसने लगा।

अन्ना तुम्हारी जय,
जय में भारत की विजय।

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