आया है निखार होली में....
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स्नेहिल खन्ना
जाग उठे हैं सारे अरमान होली में
हसरतों पर आया है निखार होली में..
दहकते टेसू टप-टप गिरते हैं ऐसे
जैसे धरती पर गिरते हों अंगार होली में..
हवा में खुमार है नशा-सा है
बहक जाते हैं कदम बार-बार होली में..
पिया तो दूर जाकर परदेसी हो गए
याद आता है उनका प्यार होली में..
सखियों ने उड़ाया गुलाल तो जाने क्या हुआ
बज उठा देह का तार-तार होली में..!