आँखें नम रहीऔर सारी दुआएँ उसके नाम कर दीं हर सहर इबादत कीअपनी उम्र उसके नाम कर दीं कुछ आँसू थे और ईद का एक चाँद थामेरे मौला की झोली मेंअपने लिए बारिशें रख लीं और चाँद वाली रात उसके नाम कर दीं।...