Hindi Poems %e0%a4%8f%e0%a4%95 %e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e2%80%8d%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be %e0%a4%a5%e0%a5%80 %e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%82 110072800090_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

एक चिड़‍िया थी मैं

फाल्गुनी

Advertiesment
फाल्गुनी
ND
एक नदिया थी मैं चंचल सी
तुम आए सुनहरा बाँध बन कर

एक बगिया थी मैं बरसों की उजड़ी हुई
तुम आए महकती बहार बन कर

एक चिड़‍िया थी मैं भटकती हुई
तुम आए मेरे घरौंदे की छाँव बन कर

एक बिन्दिया थी मैं रात के माथे पर सजी
तुम आए बिखरे सितारों का श्रृंगार बन कर

एक चिट्ठिया थी मैं कोरी तरसती हुई
तुम आए धड़कते शब्दों का आगाज बन कर।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi