Hindi Poems %e0%a4%9c%e0%a4%be %e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%9d%e0%a4%95%e0%a5%8b %e0%a4%ad%e0%a5%80 %e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%82%e0%a4%a6 %e0%a4%a8%e0%a4%be %e0%a4%86%e0%a4%8f 109100900043_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

जा तुझको भी नींद ना आए

Advertiesment
नींद
भारत भूष
ND
मेरी नींद चुराने वाले
जा तुझको भी नींद ना आए
पूनम वाला चाँद तुझे भी
सारी-सारी रात जगाए।
तुझे अकेले तन से तेरे
बड़ी लगे अपनी ही शैय्या
चित्र रचे वह जिसमें चीर
हरण करता हो कृष्ण कन्हैया
बार-बार आँचल सम्भालते
तू रह-रह मन में झुँझलाए
कभी घटा सी घिरे नयन में
कभी-कभी फागुन बौराए।
बरबस तेरी दृष्टि चुरा लें
कँगनी से कपोत के जोड़े
पहले तो तोड़े गुलाब तू
फिर उसकी पंखुड़‍ियाँ तोड़े
होंठ थके 'हाँ' कहने में भी
जब कोई आवाज लगाए
चुभ-चुभ जाए सुई हाथ में
धागा उलझ-उलझ रह जाए।
बेसुध बैठ कहीं धरती पर
तू हस्ताक्षर करे किसी के
नए-नए संबोधन सोचे
डरी-डरी पहली पाती के
'जियु बिनु देह नदी बिनु नारी'
तेरा रोम-रोम दोहराए
ईश्वर करे ह्रदय में तेरे
भी कोई सपना अँकुराए।
जा तुझको भी नींद ना आए।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi