जामुनी फूल पर बैठी चिडि़या
फाल्गुनी
किसी जामुनी फूल पर बैठी
पीले कलर की चिडि़या
नन्ही चोंच में
वक्त को दबाए बैठी है
उम्र के आशियाने में
छुपा देना चाहती है
पर निरंतर बिखरते
साल-दर-साल झरते घोंसले में
नहीं समाता वक्त
और जामुनी फूल मुस्कुराता है
किसी बेवफा की तरह।