अपनी तो इतनी सी कहानी
रमता जोगी बहता पानी।।
नगमें, दोहे, गीत और ग़ज़लें
दे जाऊँगा तुमको निशानी।।
किरदारों का फर्क है प्यारे
तेरी मेरी एक कहानी।।
कुछ देकर कुछ लेना मक़सद
कौन यहाँ पर सच्चा दानी।।
क्या तेरा क्या मेरा आखिर
ये दुनिया है आनी जानी।।
मक़सद मिलकर सौदा करना
बाकी सब बातें बेमानी।।