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'दामिनी' ललकार रही....

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दामिनी
FILE

अब........
एहसास होने लगा
आजादी बूढ़ी हो चली
66 वर्ष की ज्यों हो चली
सारे नेता सठिया गए
उम्र से ज्यादा बूढ़े हो गए
देश! जैसे रामभरोसे चल रहा
ऐसा लगता है अब तो
हर तीसरा व्यक्ति 'रावण' हो रहा
पता नहीं कब!
कानून से काली पट्‍टी हटेगी
तराजू कब अपराधी की तरफ झुकेगी
न्याय के रखवाले कब!
आंख खोलेंगे!
कान से सुनेंगे!
मुंह से बोलेंगे!
या यूं ही गांधी जी के बंदर बने रहेंगे
अब तो उठो जागो देश के जवानों
भारत मां की अस्मिता तार-तार हो रही
नारी पूज्यनीय इस देश में
'दामिनी' ललकार रही
कब पैदा होंगे हे 'कृष्ण'
'द्रोपदी' कब से चीख पुकार रही....

- बनवारी जाजोदिया

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