ND परदेस के आकाश परदेसी मांजे से सनीआकांक्षाओं से सजी ऊंची उड़ती मेरी पतंगदो संस्कृतियों के टकराव मेंकई बार कटते-कटते बची शायद देसी मांजे में दम थाजो टकरा कर भी कट नहीं पाईऔर उड़ रही है .....विदेश के ऊंचे-खुले आकाश पर ....बेझिझक, बेखौफ .......