- जितेंद्र चौहान
मैं तो मंगली लड़की से
ब्याहा हुआ
पीपल का पेड़ हूँ
न जाने कब
मौत का लकड़हारा
ले जाएगा मुझे
अपने साथ।
जिसे आना हो
जल्दी आए
मेरी छाँव में
मेरी पत्तियाँ और डालियाँ
ले जाए काटकर
मेरा तन जवान और ताकतवर है
जो बेघरबार हैं
वे काटकर बसा ले घर
इस आस भरे इंतजार के साथ
ले रहा हूँ मैं साँस।