Publish Date: Sun, 05 Jun 2011 (13:07 IST)
Updated Date: Sun, 05 Jun 2011 (13:06 IST)
अजहर हाशमी
वन में वृक्षों का वास रहने दे!
झील झरनों में सांस रहने दे!
वृक्ष होते हैं वस्त्र जंगल के
छीन मत ये लिबास रहने दे!
वृक्ष पर घोंसला है चिड़िया का
तोड़ मत ये निवास रहने दे!
पेड़-पौधे चिराग हैं वन के
वन में बाकी उजास रहने दे!
वन विलक्षण विधा है कुदरत की
इस अमानत को खास रहने दे!