Hindi Poems %e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0 %e0%a4%95%e0%a4%ac %e0%a4%86%e0%a4%93%e0%a4%97%e0%a5%80 111030400029_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

फिर कब आओगी?

प्रकाश डिमरी

Advertiesment
हमें फॉलो करें कविता
ND
साँवली सूरत मोहनी मूरत
स्वर्ण रथ पर बैठी
पश्चिम पथ पर जाती
विहंगों को हर्षाती
कलरव गीत गवाती
नीड़ों में लौटाती ......


दूर क्षितिज के संधि पट पर
नीलित नभ के सुकुमार मुख पर
नित नटखट अल्हड बाला सी
लाल गुलाल मल कर छिप जाती


और कहीं दीपों के कोमल उर में
मुस्कानों के पीत पुष्प खिलाती
वन उपवन धरा के छोर को
अपने श्यामल आँचल में छुपाती

webdunia
ND
कहो प्रिये !!!
फिर कब आओगी ???
कजरारी आँखों से...
मंद मंद मुस्काती ...
थके पथिक को लुभाती ..
आलौकिक मंगल गीत गाती ...!

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi