चाँद
तुम नहीं
तुम्हारे माथे की बिंदिया है।
सूर्य
तुम्हारे चेहरे का तेज नहीं
तुम्हारी आँखों की चमक में है।
सितारे
तुम्हारे लहराते आँचल पर नहीं
तुम्हारे खिलखिलाते बालों में हैं।
फूल
तुम्हारे कोमल हाथ नहीं
तुम्हारे होंठों पर खिले हैं।
रेशम
तुम्हारे परिधान पर नहीं
तुम्हारी बाँहों पर फिसल रहें है।