Hindi Poems %e0%a4%ac%e0%a4%b8 %e0%a4%8f%e0%a4%95 %e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82 %e0%a4%96%e0%a4%ab%e0%a4%be %e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82 %e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%80 111050900062_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

बस एक मां, खफा नहीं होती

- मुनव्वर राना

Advertiesment
मुनव्वर राना
मेरी ख्वाहिश है कि मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊं
मां से इस तरह लिपट जाऊं कि बच्चा हो जाऊं।

लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होती
बस एक मां है जो मुझसे खफा नहीं होती।

अभी जिंदा है मां मेरी मुझे कुछ नहीं होगा
मैं घर से जब निकलता हूं दुआ भी साथ चलती है।

कुछ नहीं होगा तो आंचल में छुपा लेगी मुझे
मां कभी सर पे खुली छत नहीं रहने देगी।

किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आई
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में मां आई।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi