Hindi Poems %e0%a4%ac%e0%a4%b8 %e0%a4%b9%e0%a5%8b %e0%a4%97%e0%a4%af%e0%a4%be %e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0 111051800065_1.htm

Biodata Maker

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

....बस हो गया प्यार?

फाल्गुनी

Advertiesment
हमें फॉलो करें फाल्गुनी
कैसे उग आए कांटे
तुम्हारी उस जुबान पर
जिस पर थमा रहता था
मेरे नाम का मधुर शहद,
ठंडे झरने की तरह मेरे गुस्से पर
झर-झर बरसने वाले तुम,
कैसे हो गए अचानक
तड़ातड़ पड़ते अंधड़ थपेड़े की तरह,
रिश्तों के रेगिस्तान में
मैंने तुमसे पाई
कितनी सुखद मीठी छांव,
और तुमने तपती गर्म रेत-से शब्दों से
कैसे छलनी कर देने वाले
किए वार,
बार-बार,
हर बार
....बस हो गया प्यार?

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi