Hindi Poems %e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82 %e0%a4%95%e0%a5%80 %e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%be 110051800019_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

रिश्तों की 'रेखा'

-महेंद्र तिवारी

Advertiesment
रिश्तों की रेखा
ND
भाग्य ने रिश्तों की रेखा उकेरी
है जो सबसे न्यारी और गहरी।

सजेगी उससे गृहस्थी की देहरी
खुशियाँ बनेंगी जिसकी प्रहरी।

सुखों की वह होगी सहचरी
जीवन गाएगा प्रेम की लोरी।

वैसे है वह गाँव की गौरी
लेकिन नहीं उसका कोई होरी।

webdunia
ND
हसरत अपनों की अब होगी पूरी
छेड़ेगा आँगन चैन की स्वरलहरी।

चलेंगे उसका साया बनकर
सावन हो या जेठ की दोपहरी।

देना है इसे इतना अनंत विस्तार
घर की नींव लगे मंदिर का आधार।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi